बच्चों के भ्रूण तक खा जाते है यहां के लोग
यह काफी चौकाने
वाली बात है
किसी देश के
लोग अपनी यौन
क्षमता को बढ़ाने
के लिए बच्चे
के भ्रूण को
खाते है, यह
सब होता है
चीन में। चीन
में 2001 में इस
बात को लेकर
काफी हंगामा भी
किया गया। उस
समय एक चीनी
व्यक्ति का ऑनलाइन
फोटो भी काफी
शेयर किया गया
था। जिसमे वो
एक अबॉर्टेड बेबी
का मीट खाता
दिखाई पड रहा
था। उस समय
एक मैसेज भी
काफी फैलाया जा
रहा था की
“यहां आप एक
सच्चाई से वाकिफ
होने जा रहे
हैं, उससे डरना
नहीं। ये चीन/ताइवान का हॉटेस्ट
फूड है। यहां
डेड बेबीज और
फीटस (भ्रूण) 50 से
70 डॉलर में हॉस्पिटल
से खरीदे जाते
हैं, ताकि ग्रिल्ड
बेबी की डिमांड
पूरी की जा
सकेगी। ये बेहद
तकलीफदेह है।”
इस वर्ष मलेशिया
के एक पेपर
में भी इसी
के ऊपर एक
रिपोर्ट छपी है
जिसमे लिखा है
की “ताइवान के
रेस्टोरेंट पका हुआ
इंसानी मांस और
ह्यूमन फीटस (भ्रूण) सर्व
कर रहे हैं।
इसमें यह भी
लिखा था कि
सेक्स पावर बढ़ाने
के लिए बच्चों
का मांस खाया
जा रहा है।”
रिपोर्ट के पब्लिश
होन के बाद
मे यह मुद्दा
इंटरनेशनल कॉन्ट्रोवर्सी बन गया
और दुनिया की
जांच एजेंसीज का
ध्यान इस ओर
गया इसलिए उन्होंने
इस बात की
जांच भी की
और उस फोटो
की भी जांच
की जिसमे एक
व्यक्ति किसी बच्चे
का मीट खाता
दिखाई पड रहा
था। इसके बाद
में इस मामले
का पूरा खुलासा
हो गया था।
असल मे यह
फोटो ”ईटिंग पीपुल’
नामक एक अार्ट
प्रोजेक्ट के प्रोग्राम
की थी, जो
की 2000 मे शंघाई
आर्ट फेस्टिवल का
हिस्सा था। इस
प्रोग्राम मे एक
अभिनेता झू यू
ने यह बताने
की कोशिश की
थी की इंसानी
मीट भी खाया
जा सकता है।
अपनी इस फोटो
को लेकर झू
यू ने कहा
की “इसे लेकर
मेरा इरादा और
मकसद इंसान के
उस मोरल आइडिया
का विरोध जताना
था कि इंसान
ह्यूमन मांस नहीं
खा सकता।”
झू यू ने
बताया की वह
अबॉर्टेड फीटस (भ्रूण) एक
मेडिकल कॉलेज से चोरी
किया गया था
और बाद में
उसको अच्छे से
पकाया भी गया
था। उसके बाद
में मैने उसका
सेवन किया था
पर इसका स्वाद
काफी खराब था।
इसके सेवन के
बाद मुझे काफी
उल्टियां हुई थी।
इस प्रकार की
अफवाहे कुछ समय
पहले चाइनीज बच्चे
सूप के संबंध
मे भी उड़ाई
गई थी। जिनमे
यह कहा गया
था कि इस
सूप मे अबॉर्टेड
फीटस (भ्रूण) का
इस्तेमाल किया जाता
है।